वक्फ बिल पास होने के बाद, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने उन सभी संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया है जो वक्फ बोर्ड की संपत्ति के रूप में अवैध रूप से दर्ज हैं। यूपी में बड़े पैमाने पर तालाब, पोखर, खलिहान और ग्राम समाज की जमीनों को भी वक्फ घोषित किया गया है, जिसे सरकार ने पूरी तरह अवैध माना है. अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन, ग्राम समाज की जमीन और सार्वजनिक संपत्तियां किसी भी सूरत में वक्फ घोषित नहीं की जा सकतीं। केवल उन्हीं संपत्तियों को वक्फ माना जाएगा जो किसी व्यक्ति द्वारा स्पष्ट रूप से दान की गई हों।
मुख्य बातें:
- अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई:
- योगी सरकार ने वक्फ बोर्ड की संपत्तियों के रिकॉर्ड में दर्ज 57,792 सरकारी संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया है।
- सरकार के अनुसार, ये संपत्तियां नियमों का उल्लंघन करके अवैध रूप से वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज की गई हैं।
- जांच और कार्रवाई:
- सरकार ने इस मामले में गहन जांच करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
- शाहजहांपुर, रामपुर, अयोध्या, जौनपुर और बरेली जैसे जिलों में वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जों की कई शिकायतें सामने आई हैं।
- अधिकारियों पर कार्रवाई:
- वक्फ संपत्तियों की रिपोर्ट न भेजने वाले जिलों के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बसपा सुप्रीमों मायावती का बयान –
मयावती ने कहा कि दुःख की बात यह है कि सरकार ने इस बिल को बहुत जल्दबाजी में लाकर इसे पास कराया है। यह उचित नहीं और अब इस बिल के पास हो जाने पर यदि सरकारें इसका दुरुपयोग करती हैं तो फिर पार्टी मुस्लिम समाज का पूरा साथ देगी अर्थात् ऐसे में इस बिल से पार्टी सहमत नहीं है।