Homeसक्सेस स्टोरीहर कदम में झेला गया संघर्ष… ऐसी ही है IPS मनोज शर्मा जैसी 10वीं फेल ईश्वर की कहानी

हर कदम में झेला गया संघर्ष… ऐसी ही है IPS मनोज शर्मा जैसी 10वीं फेल ईश्वर की कहानी

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UPSC Success Story: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के भांबरा गाँव के निवासी ईश्वर गुर्जर की कड़ी मेहनत और संघर्ष से भरी जीवन यात्रा युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कभी हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में ऑल इंडिया 644वीं रैंक हासिल की थी।

manoj sharma ips and vikrant messi

UPSC Success Story: फिल्म ’12th Fail’ ने IPS मनोज शर्मा की यूपीएससी सफलता से प्रेरित होकर दर्शकों को प्रभावित किया है। बॉलीवुड एक्टर विक्रांत मैसी के स्टारर किए जाने वाले इस चित्र में भारतीय परीक्षाओं की मुश्किलें और उसमें से एक, यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के संघर्ष को जीवंत करने का प्रयास किया गया है। इस फिल्म के नायक, मनोज कुमार शर्मा, ने दो बार यूपीएससी की तैयारी में असफल होने के बाद भी हार नहीं मानी, और साल 2005 में अपने तीसरे प्रयास में इस परीक्षा को सफलतापूर्वक पार किया। इस फिल्म के माध्यम से यह बताया जाता है कि कभी भी, किसी भी उम्र में, मुश्किलों का सामना करना और अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रतिबद्ध रहना महत्वपूर्ण है।

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के भांबरा गाँव के निवासी ईश्वर गुर्जर की कड़ी मेहनत और संघर्ष से भरी जीवन यात्रा युवाओं को प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने कभी हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में ऑल इंडिया 644वीं रैंक हासिल की थी।

10वीं में हुए थे फेल तो किसान पिता ने किया मोटिवेट

2011 में 10वीं क्लास में फेल होने के बाद, आजतक के साथ हुई एक बातचीत में ईश्वर लाल गुर्जर ने बताया कि उनके किसान पिता सुवालाल गुर्जर ने उन्हें मोटिवेट किया। सुवालाल गुर्जर ने ईश्वर से कहा कि इतनी जल्दी हार नहीं मानने की जरूरत नहीं है, और एक बार फेल होने पर हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का महत्व तुम आज भले ही न समझो, परंतु भविष्य में इसका महत्व समझ आएगा।

manoj sharma ips

दोबारा की 10वीं, फिर टीचर भी बने

इसके बाद, ईश्वर ने दोबार 10वीं क्लास में प्रवेश लिया और 2012 में 54% अंकों के साथ परीक्षा में सफलता प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 68 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं कक्षा में पास होने का समर्थन किया। उन्होंने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी अजमेर से डिस्टेंस शिक्षा के माध्यम से बीए पूरा किया और 2019 में ग्रेड थ्री शिक्षक बनकर अपने गाँव के पास ही रूपरा के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई देने लगे।

बिना कोचिंग क्रैक किया यूपीएससी एग्जाम

ईश्वर लाल गुर्जर ने टीचर बनने के बाद भी रुका नहीं, उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। स्कूल के स्टाफ ने भी उनका पूरा समर्थन किया। वे दिनभर स्कूल में पढ़ाई करते थे और फिर घर लौटकर यूपीएससी एग्जाम की तैयारी में लगे रहते थे।

नहीं मानी हार, चौथे अटेंप्ट में बने अफसर

ईश्वर ने बताया कि वे सिविल सेवा परीक्षा में चौथे प्रयास में सफल हुए हैं। 2019 में प्रीलिम्स में फेल होने के बाद, 2020 में इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन सफलता नहीं मिली। 2021 में फिर से फेल होने के बावजूद, उन्होंने हताश नहीं होकर चौथे प्रयास में 2022 की परीक्षा में 644वीं रैंक हासिल की है। वह अब इस रैंक को सुधारने के लिए फिर से यूपीएससी परीक्षा देने की तैयारी कर रहे हैं।

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