लोकसभा में देर रात वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पारित हो गया है। इस विधेयक पर पूरे दिन बहस हुई। सभी अपोजिशन पार्टियों ने इस दौरान जमकर हंगामा किया। इस विधेयक के पक्ष में (दो सो अठ्ठासी वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 232 सांसदों ने मतदान किया। आज वक्फ बिल राज्यसभा में पेश किया जाएगा। वही इस बिल में कई बड़ें बदलाव किए गए है जिसे आम जनता को जानना बेहद ही महत्वपूर्ण है।
वक्फ बिल में 10 बड़े बदलाव:
वक्फ बिल, वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और संचालन में पारदर्शिता और दक्षता लाने के उद्देश्य से पेश किया गया। यह एक महत्वपूर्ण विधेयक है। इस विधेयक में 10 बड़े बदलाव किए गए हैं जो वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को अच्छे से उपयोग करने और उनके दुरुपयोग को रोकने में मदद करेंगे।
- अनिवार्य सत्यापन: वक्फ बोर्ड को किसी भी संपत्ति को वक्फ संपत्ति घोषित करने से पहले उसका अनिवार्य सत्यापन करना होगा।
- कलेक्टर की भूमिका: जिला कलेक्टर को वक्फ संपत्तियों का सर्वेक्षण और स्वामित्व निर्धारण का अधिकार दिया जाएगा।
- गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति: वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करना अनिवार्य होगा।
- महिलाओं का प्रतिनिधित्व: बोर्ड और परिषद में कम से कम दो महिलाओं को शामिल करना जरूरी होगा।
- उच्च न्यायालय में अपील का अधिकार: विवादों में अब ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जा सकेगी।
- दान की शर्त: बिना दान के कोई संपत्ति वक्फ की नहीं मानी जाएगी।
- पारदर्शिता में सुधार: सभी वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण ऑनलाइन पोर्टल पर करना अनिवार्य होगा।
- सरकारी संपत्तियों पर रोक: सरकारी संपत्तियों को वक्फ संपत्ति के रूप में दावा करने पर प्रतिबंध लगेगा।
- वक्फ-अल-औलाद में बदलाव: वक्फ-अल-औलाद में महिलाओं सहित उत्तराधिकारियों को विरासत से वंचित नहीं किया जा सकेगा।
- अतिक्रमण पर रोक: संरक्षक के लिए सख्त दंड होंगे, जिसमें छह महीने तक की जेल और 20,000 से एक लाख रुपये तक का जुर्माना शामिल है।
वक्फ बिल में किए गए ये बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और अधिक पारदर्शी और कुशल बनाएंगे। इससे वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग रुकेगा और उनका उपयोग मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए किया जा सकेगा।