बिहार में कुछ महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इन चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज है। कई नेताओं का दल बदल का दौर भी जारी है। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ जल्द ही अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं। ऐसा माना जा रहा है कि वे आने वाला विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं।
वही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव और सीनियर आईएएस अधिकारी डॉ. एस सिद्धार्थ ने अपने पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेकर सबको चौंका दिया है। उनके इस कदम को केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक दांव माना जा रहा है। चर्चाओं के मुताबिक, सिद्धार्थ जनता दल यूनाइटेड (JDU) से नवादा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। बता दें कि एस. सिद्धार्थ 30 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इससे पहले ही उन्होंने VRS लेने का आवेदन दिया है।
डॉ. सिद्धार्थ को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विश्वस्त अफसरों में गिना जाता रहा है। उनके इस्तीफे से यह संकेत मिल रहा है कि जेडीयू अब चुनावों में प्रशासनिक अनुभव रखने वाले चेहरों को भी मैदान में उतारने की तैयारी में है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले नीतीश कुमार के एक अन्य करीबी अधिकारी ने भी VRS लिया था, जिससे यह कयास और तेज हो गए हैं कि जेडीयू चुनाव में अफसरशाही से राजनीति में एंट्री करने वालों को टिकट दे सकती है।
बहरहाल, एस सिद्धार्थ का राजनीति में उतरना अब महज औपचारिक घोषणा भर रह गया है। आने वाले दिनों में वे जेडीयू में शामिल हो सकते हैं और नवादा से अपनी सियासी पारी की शुरुआत कर सकते हैं।
कौन हैं IAS एस. सिद्धार्थ?
IAS एस. सिद्धार्थ के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। यही कारण है कि वे चर्चाओं में बने रहते हैं। एस सिद्धार्थ का जन्म तमिलनाडु में हुआ था। वे IIT दिल्ली से भी पढ़ाई कर चुके हैं। एस सिद्धार्थ 1991 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं।
उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली (1987) से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया था और भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद (1989) से MBA किया है। वे वर्तमान में बिहार के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के पद पर थे। डॉ. सिद्धार्थ एक प्रशिक्षु पायलट , पेशेवर वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर , एक पेंटर और एक कार्टूनिस्ट भी हैं।
कब होने हैं बिहार में विधानसभा चुनाव?
बिहार की मौजूदा सरकार का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि इससे पहले ही चुनाव आयोग चुनाव की प्रक्रिया को पूरा कराएगा। माना जा रहा है कि अक्टूबर में चुनाव हो सकते हैं, यही कारण है कि तमाम राजनीतिक दल अभी से अपनी तैयारी में जुट गए हैं।