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सती और तपस्वी जीवन की स्मृति में तीज का उपवास

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तीज एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है जो विशेष रूप से महिलाओं द्वारा बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह त्योहार विशेष रूप से उत्तर भारत के राज्यों जैसे राजस्थान, उत्तर प्रदेश, और बिहार में प्रमुखता से मनाया जाता है। तीज का उपवास रखने के पीछे कई धार्मिक और सांस्कृतिक कारण होते हैं।

तीज के उपवास का प्रमुख उद्देश्य पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करना होता है। महिलाएं इस दिन उपवास रखती हैं और भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा करती हैं, ताकि उनके पति को जीवन में खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त हो। यह उपवास पति-पत्नी के रिश्ते को भी सशक्त बनाने का माध्यम माना जाता है। मान्यता है कि इस उपवास से दांपत्य जीवन में सुख-शांति और प्रेम बढ़ता है।

तीज का त्योहार सावन मास के दौरान आता है, जो भारतीय कैलेंडर के अनुसार जुलाई-अगस्त के महीने में होता है। सावन का महीना विशेष रूप से हरे-भरे मौसम और बारिश के लिए जाना जाता है, और इसे भगवान शिव और देवी पार्वती की पूजा का समय माना जाता है। इस महीने में तीज का उपवास और त्योहार इस समय के धार्मिक महत्व को भी दर्शाता है।

कहानी और परंपराओं के अनुसार, देवी सती ने तपस्वी जीवन और धर्म के प्रति अपनी निष्ठा के प्रतीक के रूप में तीज का उपवास किया था। इस उपवास के माध्यम से महिलाएं देवी सती की भक्ति और समर्पण को भी याद करती हैं और उनके प्रति श्रद्धा प्रकट करती हैं। तीज का उपवास एक तरह से सती और तपस्वी जीवन के प्रति श्रद्धांजलि के रूप में भी देखा जाता है।

तीज के दिन महिलाएं उपवास करती हैं, जो कि बहुत ही कठिन होता है क्योंकि इस दिन वे केवल फल, दूध या अन्य हल्के पदार्थ ही ग्रहण करती हैं। उपवास के दौरान महिलाएं विशेष पूजा-अर्चना करती हैं और पारंपरिक गीत-भजन गाती हैं। यह दिन धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों से भी भरा होता है। महिलाएं अपने घरों में सजावट करती हैं, विशेष व्रत भोजन तैयार करती हैं और परिवार के साथ मिलकर इस त्योहार को खुशी और उत्साह के साथ मनाती हैं।

उपवास के बाद, महिलाएं विशेष रूप से तैयार किए गए व्रत भोजन का सेवन करती हैं, जिसमें मीठे पकवान और फल शामिल होते हैं। इस दौरान महिलाएं एक साथ बैठकर कथा सुनती हैं और पारंपरिक नृत्य करती हैं। तीज का त्योहार दांपत्य जीवन के लिए खुशहाली और समृद्धि की कामना के साथ-साथ स्वास्थ्य और सौंदर्य के लाभ के लिए भी जाना जाता है।

इस प्रकार, तीज का उपवास और त्योहार महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर होता है, जो धार्मिक, सांस्कृतिक, और पारिवारिक जीवन में विशेष स्थान रखता है। तीज का सबसे प्रमुख धार्मिक कारण है भगवान शिव और देवी पार्वती का पुनर्मिलन। पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी पार्वती ने कठोर तपस्या कर भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त किया था। तीज इस पुनर्मिलन का उत्सव मनाने के लिए मनाया जाता है।

तीज मनाने का एक अन्य धार्मिक कारण ऋतु परिवर्तन का उत्सव है। यह त्योहार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है, जो मानसून के आगमन का समय होता है। इस मौसम में प्रकृति की सुंदरता और नवजीवन की शुरुआत का उत्सव मनाने के लिए भी तीज मनाया जाता है।

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