देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 22 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफे के पीछे उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया. जगदीप धनखड़ इस्तीफे के बाद से सामने नहीं आए हैं और न ही उनका कोई बयान सामने आया है. हालांकि अब उन्होंने राजस्थान विधानसभा में पेंशन के लिए आवेदन किया है। देश के पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने राजस्थान विधानसभा में पेंशन के लिए आवेदन किया है। धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से पद त्यागने के बाद यह आवेदन किया। सूत्रों के अनुसार, उनका आवेदन स्वीकृति प्रक्रिया में आगे बढ़ चुका है और मंजूरी मिलने पर उन्हें हर महीने लगभग 42,000 रुपये पेंशन मिलेगी।
कितनी मिलेगी धनखड़ को पेंशन?
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ राजस्थान विधानसभा में विधायक पद पर रहे हैं. राजस्थान में पूर्व विधायक के लिए 35 हजार रुपये पेंशन के तौर पर मिलती है. यदि पूर्व विधायक 70 साल से ज्यादा उम्र के हैं तो उन्हें 20% और 80 साल की उम्र में 30% अतिरिक्त पेंशन मिलती है. धनखड़ इस समय 74 साल के हैं ऐसे में उन्हें 20% अतिरिक्त पेंशन के साथ करीब 42 हजार रुपये पेंशन मिलेगी।
धनखड़ ने अपनी राजनीतिक करियर में कई पदों पर रहे हैं. 1989 से 1991 तक झुंझुनू लोकसभा क्षेत्र से जनता दल के सांसद रहे हैं. इसके बाद 1993 में वे कांग्रेस के टिकट पर किशनगढ़ से विधायक चुने गए. 2019 से 2022 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल और 2022 से 2025 तक भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में उन्होंने अपनी सेवाएं दीं।
गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ ने साल 1993 में कांग्रेस के टिकट पर झुंझुनूं जिले की किशनगढ़ विधानसभा सीट से विधायक के रूप में चुनाव जीता था। इसी आधार पर उन्हें पूर्व विधायक की श्रेणी में पेंशन का अधिकार प्राप्त है। धनखड़ का राजनीतिक करियर बेहद लंबा रहा है। वह विधायक, सांसद और केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे हरियाणा और पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी सक्रिय रहे। बाद में वे देश के उपराष्ट्रपति बने और हाल ही में स्वास्थ्य कारणों से पद से इस्तीफा दिया। अगर राजस्थान विधानसभा की स्वीकृति मिलती है, तो पूर्व उपराष्ट्रपति अब पूर्व विधायक पेंशन के तहत यह राशि प्राप्त करेंगे।