हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और ‘भारत कुमार’ के नाम से मशहूर मनोज कुमार अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनके निधन की खबर ने पूरे फिल्म जगत को गहरे शोक में डुबो दिया है। शनिवार सुबह जब उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके मुंबई स्थित आवास पर रखा गया, तब हर आंख नम थी।
इस भावुक क्षण में उनकी पत्नी शशि गोस्वामी खुद को रोक नहीं पाईं। जैसे ही उन्होंने मनोज कुमार के पार्थिव शरीर को देखा, वो बेसुध होकर रो पड़ीं। वर्षों की साथ निभाने वाली साथी आज अपने जीवनसाथी को अलविदा कहने जा रही थीं — और ये पीड़ा उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी। शशि जी को परिजनों और रिश्तेदारों ने संभाला, लेकिन उनका दर्द सबकी आंखों में उतर आया।
बेटे के आंसू भी रोक नहीं पाए
मनोज कुमार के बेटे कुणाल गोस्वामी भी इस मौके पर बेहद भावुक नजर आए। पिता के अंतिम दर्शन करते समय उनकी आंखें नम थीं और चेहरा गमगीन। उन्होंने अपने पिता के पार्थिव शरीर को नमन करते हुए कुछ पल बिल्कुल चुपचाप बिताए, मानो अपने भीतर कोई लंबी बातचीत कर रहे हों। उन्होंने मीडिया से कुछ कहने से इनकार किया लेकिन उनकी खामोशी ही उनके दर्द को बयां कर रही थी।
सेलिब्रिटी और प्रशंसकों का तांता
मनोज कुमार के अंतिम दर्शन के लिए बॉलीवुड से लेकर राजनीतिक जगत तक की कई जानी-मानी हस्तियां उनके घर पहुंचीं। अभिनेता अनुपम खेर, परेश रावल, हेमा मालिनी, और राज बब्बर जैसे कई फिल्मी सितारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया के जरिए मनोज कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें “देशभक्ति का प्रतीक कलाकार” बताया।
एक युग का अंत
मनोज कुमार ने ‘पूरब और पश्चिम’, ‘शहीद’, ‘उपकार’, और ‘क्रांति’ जैसी फिल्मों से भारतीय सिनेमा में देशभक्ति को एक नई पहचान दी। उनका जाना सिर्फ एक कलाकार का नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा में एक युग के अंत जैसा है। आज भारत ने अपना ‘भारत कुमार’ खो दिया, लेकिन उनके विचार, उनकी फिल्में और उनका योगदान हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेगा।